पीजी कॉलेज परिसर में छात्राओं के बीच चले लात-घूंसे, थप्पड़, हॉकी मैदान को छात्राओं ने बनाया अखाड़ा


अंबिकापुर। शासकीय पीजी कॉलेज परिसर का हॉकी स्टेडियम, बुधवार की दोपहर अखाड़ा का रूप ले लिया। कॉलेज की छात्राओं के बीच दो गुट में जमकर मारपीट हुई। छात्राओं के बीच चले लात-मुक्के व पटकनी का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें कॉलेज में पढऩे के लिए आने वाली छात्राएं कभी बाल पकड़ कर तो कभी जमीन में पटक कर शक्ति प्रदर्शन करते नजर आ रही हैं। यहां कुछ लड़के भी मौजूद हैं, जो बीच-बचाव की मुद्रा में देखने को मिल रहे हैं, माहौल एक-दूसरे पर भारी पडऩे जैसा है। इसकी सूचना मिलने पर डॉयल 112 के साथ पुलिस मौके पर पहुंची और इन्हें समझाइश दी। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों में से किसी ने फिलहाल थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराया है।
सरगुजा पुलिस लड़कियों, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि वे कार्यस्थल हो या स्कूल-कॉलेज वहां किसी भी अप्रिय स्थिति का वे सामना कर सकें। इधर कई ऐसे मामले इंटरनेट मीडिया में सामने आ चुके हैं, जिसमें लड़कियां एक-दूसरे से जमकर मारपीट करते नजर आती हैं। सरेराह ऐसी घटनाओं के सामने आने के बाद कॉलेज परिसर में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति होना नई पीढ़ी के भटकाव को दृष्टिगोचर करा रहा है। बताया जा रहा है कि बुधवार की दोपहर शहर के पीजी कॉलेज परिसर में स्थित हॉकी मैदान में छात्राओं के जिन दो गुटों के बीच मारपीट की घटना हुई, वे पीजी कॉलेज व साईं बाबा कॉलेज की हैं। किसी पुराने विवाद को लेकर ये आपस में उलझ गईं और नौबत थप्पड़ व लात-घूसे की बन गई। साईं कॉलेज की छात्राएं ही पीजी कॉलेज के हॉकी मैदान में पहुंची थीं। वहां मौजूद अन्य छात्र-छात्राओं ने इन्हें छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन इन पर मारपीट का जुनून सवार था। देखा जाए तो पीजी कॉलेज में पढ़ाई की जगह दिनभर छात्र-छात्राओं को क्लास रूम से बाहर टहलने के लिए बनाए गए ट्रैक या पेड़ के नीचे, बाउंड्री में बैठकर समय बिताते देखा जाता है। कॉलेज प्रबंधन को इस दिशा में सख्त कदम उठाने की जरूरत है। कॉलेज परिसर में अनाधिकृत तौर पर किसी का प्रवेश न हो, इसके लिए छात्र संगठनों की मांग पर ड्रेस कोड का भी निर्धारण किया गया है, इसके बाद भी ऐसे हालात सामने आ रहे हैं।
कॉलेज प्रबंधन को होना पड़ेगा सख्त
कॉलेज की छात्राओं के बीच चले लात-घूंसे के वायरल हुए वीडियो ने देखा जाए तो अभिभावकों की भी चिंता बढ़ा दी है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल इस वीडियो को देखने वाले कई तरह के कमेंट कर रहे हैं। छात्राओं के बीच हुई इस मारपीट का वीडियो कुछ छात्र-छात्राओं ने ही बनाया है। सूचना पर पहुंची डॉयल 112 की टीम ने दोनों कॉलेज की छात्राओं को समझाइश दी, जिससे मामला तो सुलझ गया, लेकिन छात्राओं का उच्च शिक्षा प्राप्ति की जगह ऐसा रूख सामने आने के बाद कॉलेज प्रबंधन को सख्त होने की जरूरत है। शहर का इस कॉलेज से कई ऐसी विभूतियां निकली हैं, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अच्छी पहचान बनाई है। कॉलेज की शाख बनी रहे, इस दिशा में पहल की जरूरत महसूस हो रही है।
पुलिस को भी करनी चाहिए मॉनीटरिंग
कॉलेज के नाम पर घर से निकलने वाली कई छात्राएं पढ़ाई के समय झुंड में या तो किसी लड़के के साथ काफी-चाय का घूंट मारते आसपास ही देखने को मिल जाएंगे। कॉलेज परिसर तो हमेशा ऐसे छा-छात्राओं से पटा रहता है। ये किसी अनुमति से कॉलेज परिसर में पढ़ाई की जगह समय बिता रहे हैं, यह पूछने वाला कोई नहीं रहता है। शिक्षा के पवित्र मंदिर में हालात न बिगड़े, इसके लिए पुलिस को भी समय-समय पर इनके बीच पहुंच कर प्रेरक संदेश देने की जरूरत है, ताकि शिक्षा के नाम पर समय पास करने पर विराम लगे। वहीं पुलिस की पेट्रेालिंग पार्टी भी कॉलेज संचालन के समय पर औचक पहुंच कर ऐसे छात्र-छात्राओं की क्लास ले, जो बाहर बैठकर गप हांकते नजर आते हैं।
बयान-
हॉकी मैदान में लड़कियों के आपस में लडऩे की सूचना मिलने पर मैं वहां गया था। यहां पहले से पुलिस टीम डायल-112 के साथ पहुंच चुकी थी। मौके पर साई कॉलेज की भी कुछ छात्राएं भी थीं। सार्इं कॉलेज के प्राचार्य को फोन लगाकर उन्होंने इसकी जानकारी दी, तो उन्होंने किसी निजी कार्यक्रम में व्यस्त होने की बात कही।
डॉ. एसएस अग्रवाल
प्राचार्य, पीजी कॉलेज अंबिकापुर

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