तकनीकि साक्ष्य व प्रार्थी के विरोधाभासी बयान सेे खुला हत्या का राज मामला पत्नी की हत्या कर गुम इंसान का मामला थाने में दर्ज कराने का


अंबिकापुर। पत्नी की हत्या कर गुम इंसान दर्ज कराने वाले आरोपी को पूछताछ और अपराध की स्वीकारोक्ति के बाद कमलेश्वरपुर पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने घटनाक्रम में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी आरोपी की निशानदेही पर जब्त किया है। आरोपी सीएएफ के जवान मनीष तिर्की निवासी सुपलगा मैनपाट ने छह मार्च 2023 को थाना कमलेश्वरपुर में कुछ दिनों पूर्व रिश्तेदार दिव्या गुलाब कुजूर निवासी नवानगर दरिमा से नोटरी के माध्यम से शादी करने और शादी के कुछ दिनों बाद से ही पत्नी के घर से बिना बताए चले जाने की जानकारी देकर गुम इंसान का रिपोर्ट दर्ज कराया था। आरोपी का कहना था कि 25 फरवरी से गायब पत्नी को वह रिश्तेदारों तक पता-तलाश किया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज राम गोपाल गर्ग व पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ध्रुवेश जायसवाल ने कमलेश्वरपुर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह व पुलिस टीम को गुम महिला का पता लगाने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने प्रार्थी मनीष तिर्की का बयान लिया तो उसने 25 फरवरी को पत्नी दिव्या के घर से बिना बताए चले जाने की भ्रामक जानकारी दी। पुलिस ने मनीष तिर्की एवं उसकी पत्नी के मोबाइल नंबर की तकनीकि जानकारी साइबर सेल से प्राप्त की, तो दो मार्च को दोनों के संपर्क में रहने की बात सामने आई। पूछताछ में प्रार्थी ने विवाह का नोटरी दस्तावेज लेने हेतु संपर्क करना बताया। यहां से पुलिस का संदेह बढ़ा और कथित रूप से गुम महिला के हासिल मोबाइल लोकेशन को आधार बना पुलिस आस-पास के सीसीटीवी फुटेज चेक की, तो इनका बस स्टैंड अंबिकापुर में फुटेज मिला। प्रार्थी के विरोधाभासी बयान एवं सीसीटीवी फुटेज के सामने पर पुलिस ने पैतरा बदला और कड़ाई से पूछताछ की तो वह गुम पत्नी को अंबिकापुर से अपने वाहन में बैठाकर अपने गृहग्राम सुपलगा ले जाने और गांव के पास ही स्थित मछली नदी में साथ ले जाकर गले को पानी में डुबाकर हत्या करने की सच्चाई स्वीकार किया। तकनीकि जानकारी व सीसीटीवी फुटेज से खुले भेद से आरोपी की करतूत का पर्दाफास हुआ। पुलिस ने आरोपी मनीष तिर्की के विरुद्ध धारा 302, 201 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी कमलेश्वरपुर निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक जॉन प्रदीप लकड़ा, उप निरीक्षक राजेश पांडेय, रामनरेश गुप्ता, सहायक उपनिरीक्षक विवेक पांडेय, महिला आरक्षक सविता पैकरा, आरक्षक परवेज फिरदौसी, विजय प्रताप सिंह, अमित टोप्पो, देवदत्त सिंह, अभय चौबे, साइबर सेल से प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, सुयश पैकरा, जितेश साहू, कंट्रोल रूम से ऑपरेटर गणेश की उल्लेखनीय भूमिका रही।

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