उमूदु संचालकों नेे पांच दिन में स्टॉक करें दुरूस्त नहीं किया, तो होगा एफआइआर कलेक्टर ने जारी किया आदेश, मामला भौतिक सत्यापन में राशन कम मिलने का


अंबिकापुर। सरगुजा जिले में संचालित उचित मूल्य दुकानों में माह सितंबर 2022 के बचत स्टॉक के भौतिक सत्यापन में स्टॉक में पाई गई कमी के बाद प्रशासन एक्शन मोड में है। तत्संबंध में संबंधितों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए भौतिक सत्यापन में कम मिली चावल की मात्रा एवं अन्य राशन सामग्री की वसूली को लेकर दुकानदारों को पालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है। प्रतिवेदन के अनुसार माह सितंबर 2022 के बचत स्टॉक के भौतिक सत्यापन में जिले में 360
उचित मूल्य दुकानों में बीपीएल का चावल 4175 मेट्रिक टन, एपीएल का 382.34 मेट्रिक टन, शक्कर 255.74 मेट्रिक टन, चना 428 मेट्रिक टन, गुड़ निरंक तथा नमक 444.99 मेट्रिक टन कम पाया गया था। इसे छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 5 (1) 11 (11) 15, 16 (7) का उल्लंघन मानते हुए प्रशासन की ओर से सभी राशन दुकान के संचालकों को पत्र जारी करके पांच दिनों में खाद्यान्न का स्टॉक सुधारने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर राशन दुकान के विरूद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं। प्रशासन के इस रूख से राशन दुकान का संचालन करने वालों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
बता दें कि जिले के राशन दुकानों में खाद्यान्न सत्यापन का निर्देश राज्य सरकार की ओर से दिया गया था, वहीं राशन सामग्री की बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के संबंध में पार्षद आलोक दुबे ने जिला प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया था, जिस पर सितंबर 2022 में खाद्य विभाग की टीम के साथ जिले के संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों ने जिले के 360 राशन दुकानों की जांच की थी। राशन सामग्री का भौतिक सत्यापन करने पर उचित मूल्य की दुकानों में सितंबर 2022 की राशन सामग्री के अंतिम स्टॉक और बचत स्टॉक में कमी पाई गई। भौतिक सत्यापन में खाद्यान्न (चावल, शक्कर, चना, नमक ) स्टॉक में कमी पाई गई। कमी के संबंध में सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षकों के द्वारा कार्रवाई करते हुए भौतिक सत्यापन में कम मिले चावल एवं अन्य राशन सामग्री की वसूली के संबंध में दुकानवार पालन प्रतिवेदन कलेक्टर सरगुजा को प्रेषित किया गया था।
प्रतिवेदन के अनुसार माह सितंबर 2022 के बचत स्टॉक के भौतिक सत्यापन में चावल, शक्कर, चना, नमक के स्टॉक में कमी को छग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 का स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए पांच दिवस के भीतर दस्तावेज सहित कार्यालय में जवाब प्रस्तुत करने कहा गया। समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर कम पाए गए खाद्यान्न की वसूली शासन की ओर से निर्धारित दर पर आरआरसी जारी करके करने व थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
उमूदु के 42 संचालकों ने की भरपाई
सरगुजा कलेक्टर को प्रेषित किए गए प्रतिवेदन में अधिकारियों ने जानकारी दी है कि प्रतिवेदित दिनांक तक 42 उचित मूल्य दुकानों से चावल 90.98 मेट्रिक टन, चना 7.15 मेट्रिक टन, शक्कर 3.69 मेट्रिक टन, नमक 18.23 मेट्रिक टन की वसूली की गई है। शेष खाद्यान्न स्टॉक की भरपाई राशि की वसूली, आरआरसी के माध्यम से तत्काल हो, यह सुनिश्चित करने कहा गया है। निर्धारित समयावधि में खाद्यान्न स्टॉक की भरपाई, राशि वसूली नहीं होने पर संबंधित उचित मूल्य दुकानों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिकाओं एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कार्यालय को अवगत कराने कहा गया है। इसकी जानकारी सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग व संचालक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण इन्द्रावती भवन नया रायपुर को भी प्रेषित की गई है।
कहां से हुई भरपाई, इसकी भी जांच हो
भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने कहा है कि प्रशासन की ओर से बिना किसी राजनीतिक दबाव के कार्रवाई की गई है जो स्वागत योग्य है। प्रशासन को पूरे मामले की जांच के साथ ही स्टॉक की भरपाई दुकान संचालकों ने कहां से की, इसकी भी जांच कराने कहा है।

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