छत्तीसगढ़ सरकार को अरबों का चूना लगा रहे हैं कोयला खनन व परिवहन कंपनियां

उत्तर प्रदेश के डीजल खपाये जा रहे सरगुजा में एसईसीएल के कोल खनन व परिवहन के कार्यों में, कई शिकायतों के बाद भी नहीं हो रही कोई कार्यवाही

अंबिकापुर/छत्तीसगढ़ प्रदेश की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश से प्रतिदिन वैट टैक्स की चोरी करते हुए, तस्करी कर लाया हुआ, सैकड़ो टैंकर डीजल खपाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में डीजल पर वैट लगभग 17.08 प्रतिशत है जबकि छत्तीसगढ़ प्रदेश में डीजल पर वैट 25.81 प्रतिशत है।

वैट कम होने के कारण उत्तर प्रदेश के मुगलसराय डिपो से लगभग 8.73 रूपए कम में डीज़ल लाकर छत्तीसगढ़ के 10-12 जिलों के कंज्यूमर पंप प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ राज्य को सैकड़ो करोड रुपए के राजस्व की क्षति पहुंचा रहे हैं।

छग सरकार को हो रहा वैट का नुकसान
ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश से आने वाले डीजल पर छत्तीसगढ़ राज्य को कोई वैट टैक्स प्राप्त नहीं होता है, यदि छत्तीसगढ़ राज्य के डिपो से प्रदेश के कंज्यूमर पंप को डीजल सप्लाई दी जाती है तो प्रति लीटर प्रदेश को 27.02 प्रतिशत वैट की दर से 15.33 रुपये के रूप में प्राप्त होता है।

उप्र के पेट्रोल पंप मालिकों और सरकार को फायदा
उत्तर प्रदेश के मुगलसराय डिपो से करीब 8 रु कम में प्राप्त होने वाले डीजल का लाभ बड़े कांट्रेक्टर, कॉर्पोरेट, खनन उद्योग से जुड़े बड़े व्यापारी उठा रहे हैं, जबकि डीजल के कम दर का लाभ जरूरतमंद छोटे व सीमांत किसानों को मिलना चाहिए था।

टेंडर में छग का वेट रेट : तस्करी उप्र से
माइनिंग क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी कंपनियां स्थानीय रेट कोट कर माइनिंग रेट का स्थानीय डीज़ल दर के अनुसार एसईसीएल और सीएमडीसी से भुगतान प्राप्त कर रही हैं, जबकि मुगलसराय से अनाधिकृत डीज़ल मंगा कर न केवल टैक्स चोरी कर लाभ ले रहे हैं बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य के टैक्सेशन लॉ और स्टेट टैक्स रेगुलेशन का माखौल भी उड़ा रहे हैं।

कोयला कंपनी के अधिकारी भी हो रहे मालामाल
कई अधिकारियों की मिली भगत के कारण कार्रवाई नहीं होने से उत्तर प्रदेश से डीजल मंगाने वालों का हौसला लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रति टैंकर लाखों कमाने वाले अब ना केवल कंज्यूमर पंप, बल्कि एक ही परिसर में स्थापित रिटेल आउटलेट में भी उत्तर प्रदेश से डीजल लाकर बेच रहे हैं।

स्थानीय पेट्रोलियम डीलर की शिकायत पर कलेक्टर की चुप्पी
सरगुजा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने कई बार कलेक्टर को ज्ञापन देकर इस पर रोक लगाने की मांग की है, लेकिन डीजल माफिया और संबंधित अधिकारियों के मजबूत गठजोड़ के कारण यह अवैध धंधा बेरोकटोक अनवरत जारी है।

बैरियर में शराब पर कार्यवाही और डीजल टैंकर को छूट
उत्तर प्रदेश से आने वाले अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन तुरंत कार्रवाई करता है, लेकिन वाड्रफनगर बैरियर पार कर छत्तीसगढ़ प्रदेश में प्रतिदिन आ रहे सैकड़ो टैंकर डीजल की आवाजाही निर्बाध है। प्रति टैंकर लाखों की कमाई के कारण इस धंधे में प्रतिवर्ष टैंकरों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।

यह पुरा खेल एक खनन कंपनी जो चेन्नई की है उसके द्वारा किया जा रहा
मामला एक खनन एवं ट्रांसपोर्ट कंपनी “चेन्नई राधा इंजीनियरिंग वर्कस् प्राइवेट लिमिटेड” से जुड़ा है। इस कंपनी ने 01 अप्रैल 2023 से 31 जनवरी 2024 तक, दस महीने में, मुगलसराय से 3 करोड़ 3 लाख 43 हजार लीटर डीजल तस्करी कर छत्तीसगढ़ लाया। इससे छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को लगभग 46.52 करोड़ का नुकसान हुआ।

एसईसीएल बिलासपुर से टेंडर
एसईसीएल बिलासपुर ने 23 जुलाई 2023 को टेंडर आमंत्रित किया था, महाप्रबंधक कार्यालय, भटगांव क्षेत्र ने उक्त कंपनी को 7 वर्षों तक कार्य करने के लिए 8 जनवरी 2024 को वर्क आर्डर जारी किया है, जो 01.01.2024 से प्रभावी होकर 31.12.2030 तक चलेगा। अब आप स्वयं गणना करें कि आज की तारीख से आने वाले 7 वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को कितना नुकसान होगा और उपरोक्त कंपनी को कितना फायदा होगा।

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