बाल संप्रेक्षण गृह के किशोरों में दिखी उम्मीद की किरण साईं कॉलेज के विद्यार्थियों ने परखा इनका जीवन


अंबिकापुर। श्री साईं बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एमएसडब्ल्यू द्वितीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने बाल संप्रेक्षण गृह में सोशल आउटरीच और स्किल डेवलपमेंट अंतर्गत बाल आरोपितों से मुलाकात की। विद्यार्थियों ने बाल आरोपितों के सामाजिक, मनोवैज्ञानिक जीवन को परखा और कहा अपराध परिस्थितिजन्य है, इस अभिशाप से बाहर निकलने की कोशिश कर समाज की मुख्य धारा में आना जीवन का लक्ष्य होना चाहिए। जीवन संवारने का काम बाल संप्रेक्षण गृह के किशोर, बाल आरोपित कर रहे हैं।
इस दौरान बाल आरोपितों में समाज की मुख्यधारा में जुडऩे उम्मीद दिखी। बाल आरोपितों ने बताया कि 18 साल की उम्र के बाद समाज की मुख्यधारा में होंगे। उन्होंने संप्रेक्षण गृह के परिवेश, भोजन, स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के बारे में बताया। बाल आरोपितों का कहना था कि यहां मेडिकल के साथ मनोचिकित्सक की सुविधा भी उन्हें मिल रही है, जो उन्हें आत्मबल प्रदान करता है। सभी की काउंसिलिंग कराई जाती है। आईक्यूएसी समन्वयक एमएसडब्ल्यू विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरएन शर्मा, रौनक निशा के मार्गदर्शन में आशीष बारी, सिमरन, पूजा गुप्ता, दीपक दास, गौरी शंकर, ममता यादव, सोनल पांडेय, रमावती, सोनम, ऋतु मंडल, सुमन, प्रवीण, सत्यम पांडेय, शुभम विश्वास ने शैक्षिक भ्रमण किया।

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